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जोधपुर@ पत्रिका. राजस्थान प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान जोधपुर में संरक्षित संभवत: देश की सबसे बड़ी तीन सौ चौदह फुट लंबी एक महिला की जन्म कुंडली आज भी एक अबूझ पहेली बनी हुई है। संस्कृत भाषा में कुंडली बनाने वाले ओशान सिंह की ओर से इतनी बड़ी कुंडली बनाने का कारण और राजस्थान से उसका संबंध अभी तक अज्ञात है। ग्रह नक्षत्रों के माध्यम से भविष्य दर्शाने वाली जन्म कुंडली में सुंदर बेलबूटों को बॉर्डर के अलावा राशियों के अलग अलग स्वरूपों को विभिन्न पशुओं के भाव व दशाओं के साथ वर्णन करने वाले चित्रों का समावेश किया गया है।

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यश कंवरी की है यह कुंडली
किसी महिला के नाम पर 117 साल पहले बनी यश कंवरी की कुंडली की लंबाई 314 फुट है । जन्म पत्री में विभिन्न भाव कुंड, लाभ कुंड, दशम भाव, भाग्य, शत्रु भाव कुंडलिका, संतान भाव कुंडली तुला लग्न, राहुल लग्न, शनि दृष्टि, शुक्र भाव मृग भाव चलित, सुख भाव कुंडली, तुला लग्न सहज भाव, धन भाव, कष्ट गणित दृष्टि, मैत्री प्रयोजन माह केतु लग्न, गुरु भाव कुंडली बुध भाव, मंगल स्वरूप सूर्य लग्न गृह गोचर फल के साथ जीवन के कई चीजों का उल्लेख किया हुआ है ।

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सुंदर चित्रांकन
विभाग में विविध 25 विषयों के अनेक दुर्लभ ग्रंथ संग्रहित हैं जिनमें कतिपय जन्म पत्रियां भी समाहित है। वृहद आकार की 314 फीट की एक जन्मपत्री ओशान सिंह की पुत्री यश कंवरी की भी है जिसमें उसके भविष्य का सचित्र व सुन्दर चित्रांकन है।
कमल किशोर सांखला, वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान जोधपुर

Source: Jodhpur

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