अमित दवे/जोधपुर. एक ओर सरकार बेरोजगारी को दूर करने व शिक्षित युवाओं के क्रिएटिव आइडियाज को स्वरोजगार में बदलने के लिए स्किल इंडिया योजना की ओर कदम बढ़ा रही है। राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में स्टार्टअप गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए करीब 75 करोड़ रुपयों का बजट दिया गया है। वहीं जोधपुर में स्टार्टअप की रफ्तार बंद पड़ी है। हाल यह है कि प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े शहर जोधपुर में सरकारी स्तर पर स्टार्टअप के लिए अमलीजामा नहीं पहनाया गया है। यहां युवाओं को अपने स्टार्टअप के लिए मिलने वाली सुविधाएं दूर की कौड़ी साबित हो रही है। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से आइ-स्टार्ट का क्रियान्वयन किया जा रहा है। सरकार की ओर से जोधपुर में इन्क्यूबेशन सेंटर खोलने की घोषणा भी हुई थी। लेकिन हकीकत में अभी तक युवाओं के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर का भवन तक नहीं खुला है।
यूथ के स्टार्टअप पर सरकारी ढिलाई की मार
जयपुर के बाद जोधपुर में सर्वाधिक लोग स्टार्टअप में रुचि दिखा रहे हैं। जहां सरकारी स्तर पर युवाओं को निराशा हाथ लगी है। वहीं निजी स्तर पर संचालित हो रहे इन्क्यूबेशन सेंटर की ओर से आकर्षित हो रहे हैं। जोधपुर में मारवाड़ी केटेलिस्ट स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सेंटर है, जो पश्चिमी राजस्थान में छात्रों, नवोदित उद्यमियों और स्टार्टअप्स को प्रेरित करने, समर्थन, सलाह देने और स्थानीय-क्षेत्रीय समस्याओं को हल करने, सफ लता नवाचारों को विकसित करने और विश्व स्तर के स्टार्टअप बनाने के लिए एक सक्रिय समर्थन स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित कर रहा है।
इन्क्यूबेशन सेंटर पर मिलने वाली आवश्यक सुविधाएं
– पानी, बिजली व मूलभूत सुविधाएं
– ट्रेड मार्क व कॉपी राइट एडवाइजरी
– लीगल एडवाइजरी
– टेक्निकल एडवाइजरी
– फाइनेंशियल एडवाइजरी
– हाई लेवल इंवेट्स व कार्यशाला, यहां युवाओं के नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए इन्वेस्टर्स फंडिंग करते है।
इनका कहना है
जोधपुर में जल्द ही इन्क्यूबेशन सेंटर खोला जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। मुख्यालय व प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारी चल रही है।
– जेपी ज्याणी, उप निदेशक, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग, जोधपुर
मारवाड़ क्षेत्र में नए युग की उद्यमी मानसिकता के साथ नया करने के लिए तैयार है ताकि एक स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एक रचनात्मक स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण किया जा सके। इससे मारवाड़ी मारवाडिय़ों के कल्याण के लिए काम करेंगे।
– सुशील शर्मा, सीइओ, मारवाड़ी कैटेलिस्ट वेंचर्स
Source: Jodhpur