बाड़मेर, 3 जुलाई। जिला मजिस्टेªट विश्राम मीणा द्वारा एक आदेश जारी कर बाडमेर
शहर के नगर परिषद क्षेत्र एवं इसके परिधीय क्षेत्र में स्थिति आवासीय कालोनियों के चारों ओर के समस्त सीमा क्षेत्र को जीरो मोबिलिटी क्षेत्र घोषित कर कर्फ्यु लगाया गया है।
जिला मजिस्टेªट विश्राम मीणा ने बताया कि बाड़मेर शहर के नगर परिषद क्षेत्र एवं इसके परिधीय क्षेत्र में स्थित आवासीय कॉलोनियों के चारों ओर की सीमा में अत्यधिक संक्रमण बढ़ने की आशंका है, जिससे इस क्षेत्र के आसपास के नागरिकों के स्वास्थ्य, मानव जीवन एवं लोकशांति को खतरा उत्पन्न हो सकता है। जिला मजिस्टेªट द्वारा उक्त क्षेत्र के आस-पास निवासरत नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा एवं केन्द्रीय लोक प्रशान्ति बनाये रखने तथा संक्रमण की रोकथाम की दृष्टि से दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 के तहत बाड़मेर शहर के नगर परिषद क्षेत्र एवं इसके परिधीय क्षेत्र में स्थित आवासीय कॉलोनियों के चारों ओर की समस्त सीमा को जीरो मोबिलिटी क्षेत्र घोषित कर कर्फ्यु लगाया गया है।
उन्होेने बताया कि उक्त जीरो मोबिलिटी क्षेत्र में जन साधारण के लिए सख्ती से आवागमन- निर्गमन निषेध किया गया है। उन्होने बताया कि कर्फ्यु के दौरान समस्त राजकीय कार्यालय, निजी कार्यालय, स्वायतशाषी संस्थाएं, पेट्रोल पम्प, एलपीजी, पोस्ट आफिस, बैंक, बीमा, राजकीय एवं निजी चिकित्सालय, पशु चिकित्सालय, समस्त चिकित्सा संबंधी प्रतिष्ठान, मेडिकल स्टोर, दूध डेयरी, स्थानीय दूध विक्रेता एवं कर्फ्यु क्षेत्र में चिकित्सा हेतु आने वाले रोगियों के लिए परिवहन अनुमत रहेगा। इसी प्रकार एम्बुलेन्स, ऑनडयुटी सरकारी वाहन (अनुबन्ध सहित), अग्निशमन, कानून एवं व्यवस्था तथा आपातकालीन सेवाऐ, छूट वाली श्रेणियों के कार्मिक के व्यक्तिगत वाहन, सुरक्षा बलों के वाहन, अपने कार्य स्थल एवं कार्यस्थल से निवास स्थल आने-जाने के लिए अनुबंधित वाहन (बशर्त उनके पास वैद्य वाहन पहचान पत्र या पास जो विभाग द्वारा जारी किया हुआ हो) अनुमत रहेगा।
उन्होने बताया कि कर्फ्यु क्षेत्र में निवासरत तेल कम्पनियों से संबंधित कार्मिक जिला परिवहन अधिकारी की अनुमति उपरान्त अपने कार्यस्थल पर आवागमन कर पाएगें। व्यक्तिगत आपातकालीन स्थिति में उपयोग में लाये जाने वाले वाहन आवागमन हेतु अनुमत रहेंगे। अन्य कोई आपातिक स्थिति हो तो उपखण्ड अधिकारी बाड़मेर कर्फ्यु पास दे सकेंगे। उन्होंने बताया कि उपर्युक्त के अतिरिक्त समस्त गतिविधियां प्रतिबंन्धित रहेगी। अन्त्येष्ठि के मामले में 20 से अधिक व्यक्ति एकत्रित होने की अनुमति नहीं होगी।
उन्होने सभी नागरिकों को इस आदेश की पालना करने एवं अवहेलना नहीं करने के निर्देश देते हुए सख्त चेतावनी दी है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन किये जाने पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188, 269, 270 एवं राजस्थान एपिडेमिक डिसीज एक्ट 1957 तथा अन्य विधिक प्रावधानों के अन्तर्गत अभियोजित किया जा सकेगा। यह आदेश 3 जुलाई को सायं 7 बजे से लागू होकर 10 जुलाई, 2020 की मध्यरात्रि 12 बजे तक प्रभावशील रहेगा।
-0-
Source: Barmer News