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जोधपुर।
देश के चुनिंदा शहरों में चुनिंदा मोबाइल कम्पनियों (Mobile companies) ने 5जी (5G Internet) सेवाएं शुरू की हैं, लेकिन 5जी सेवाओं की आड़ में अनेक साइबर ठग गिरोह (Cyber fraud gang) भी सक्रिय हो गए हैं। जो मोबाइल उपभोक्ताओं (Mobile consumers) को एसएमएस (SMS या ई-मेल E-Mail) पर लिंक भेजते हैं और मोबाइल को 4जी से 5जी (Fruad for 4G to 5G upgradation) में नि:शुल्क अपग्रेड करने का झांसा देकर बैंक खाते खाली कर रहे हैं। देश के कुछ शहरों में वारदातें होने के बाद पंजाब, मुम्बई और तेलंगाना पुलिस ने उपभोक्ताओं को सतर्क रहने संबंधी अलर्ट जारी किया है। हालांकि राजस्थान पुलिस ने अभी तक ऐसा कोई अलर्ट जारी नहीं किया है।
देश के अधिकांश शहरों में 5जी नेटवर्क ही नहीं
चुनिंदा मोबाइल कम्पनियों ने देश के चंद शहरों में ही 5जी नेटवर्क सेवाएं शुरू की हैं। देश के अधिकांश शहरों में अभी तक 5जी नेटवर्क नहीं हैं। ऐसे में यदि कोई अनजान एसएमएस में लिंक पर क्लिक करने के लिए उकसा रहा है तो वह साइबर ठगी हो सकती है।
लिंक पर क्लिक से अपग्रेड नहीं होंगे मोबाइल
3जी से 4जी में अपग्रेड करने के लिए मोबाइल कम्पनियों ने उपभोक्ताओं की सिम बदली थी। अब 5जी सेवाओं के लिए भी संभवत: सिम बदली जाएगी। ऐसे में यदि कोई एसएमएस या ई-मेल पर लिंक भेजकर मोबाइल को 5जी में अपग्रेड करने का बता रहा है तो सतर्क रहें। वह साइबर ठगी में फंसाने का जाल ही होगा। लिंक पर क्लिक या ओटीपी भेजने से मोबाइल अपग्रेड नहीं नहीं होगा।
इन बातों से रहें सतर्क
– एन्ड्रॉयड या आई-फोन कभी भी एसएमएस या कॉल नहीं करेंगे। सिक्योरिटी सैटअप या सैटअप सेक्शन में पुश नोटिफिकेशन ही दी जाएगी।
– मोबाइल कम्पनी अपने उपभोक्ताओं को ऑन कॉल दस्तावेज सत्यापन नहीं करते हैं। न ही सिम अपग्रेड करेंगे। सिम खरीदने के दौरान दस्तावेज सत्यापन करेंगे।
– ऑन कॉल कोई भी ऐप मोबाइल या सिम को 5जी में अपग्रेड नहीं कर सकते हैं। इसलिए ऐसे अनजान लिंक पर कदापि क्लिक न करें। लिंक से यदि कोई व्यक्ति वेबसाइट पर रि-डाइरेक्ट होता है तो उन्हें डाउनलोड ऑप्शन दिया जाता हैप्जो कोई रेनसमवेयर या मेलवेयर ऐप हो सकता है। जो मोबाइल के डाटा चोरी कर सकता है। या मोबाइल किसी तीसरी पार्टी से ऑपरेट करने का माध्यम भी दे सकता है।
– बैंक अपने उपभोक्ताओं को ओटीपी शेयर करने से मना करता है। यदि कोई ऐसा करता है तो ठगी के लिए बैंक की जिम्मेदारी नहीं होती है। बैंक की जिम्मेदारी तभी होगी जब बैंक की गलती से ठगी हुई हो।
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चुनिंदा मोबाइल कम्पनियों ने कुछ समय पहले ही 5जी इंटरनेट सेवाएं शुरू की हैं। इसकी आड़ में साइबर गिरोह भी सक्रिय हुए हैं। 4जी से 5जी में अपग्रेड करने का झांसा देकर बैंक खाते खाली किए जा रहे हैं। आमजन ऐसे किसी लिंक, एसएमएस या ई-मेल के झांसे में न आएं।
– प्रिया सांखला, साइबर लॉ एडवोकेट।

Source: Jodhpur

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