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जोधपुर

।समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद किसानों के लिए परेशानी बनती जा रही है। जिले में रबी सीजन की चना व सरसों की खरीद के लिए 42 केंद्र स्वीकृत किए गए है। लेकिन केवल 1 केन्द्र बिलाड़ा पर ही खरीद शुरू हो सकी है। जबकि राजफैड दावा कर रही है कि सभी सेंटर्स पर खरीद चल रही है। इसके बावजूद, किसान खरीद केन्द्रों पर चक्कर लगा रहे है और समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू नहीं होने से किसानों को चने व सरसों में नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदेश में राजफैड की ओर से 20 मार्च को किसानों से ऑनलाइन पंजीयन करवाकर 1 अप्रेल से खरीद शुरू करने की घोषणा की गई थी।

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बाजार भाव समर्थन मूल्य से नीचे

बाजार में चने के भाव समर्थन मूल्य से 600 से 800 रुपए क्विंटल नीचे है। वहीं सरसों के 400 से 600 रुपए नीचे है। ऐसे में अधिकांश खरीद केन्द्रों पर खरीद शुरू नहीं होने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। खरीद में हुई देरी व खरीद शुरू होने को लेकर आशंका के चलते किसान समर्थन मूल्य खरीद से दूरी बना रहे है।

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उत्पादन के आधार पर फसल खरीद का लक्ष्य

– सरसों 15,19,318 मीट्रिक टन।

– चना 6,65,026 मीट्रिक टन।

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केन्द्र व पंजीयन

– 42 स्वीकृत केन्द्र।

– 1695 किसानों ने कराया पंजीयन।

– 1074 सरसो के लिए पंजीयन।

– 623 चने के लिए पंजीयन।

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फसल– एमएसपी– बाजार भाव– पंजीयन

सरसों– 5450 रु– 4800 रु– 1074

चना– 5335 रु– 4600 रु– 623

(एमएसपी व बाजार भाव प्रति क्विंटल, पंजीयन किसानों की संख्या)

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सभी सेंटर्स पर खरीद चल रही है। खरीद में समस्या आने पर क्रय-विक्रय सहकारी समिति के जनरल मैनेजर से संपर्क करे व संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर जोधपुर क्षेत्रीय कार्यालय में अवगत करावे।

मुरलीमनोहर व्यास, क्षेत्रीय अधिकारी

राजफैड

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जिले में समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू नही हुई है। इससे किसानो को चना व सरसों की फसल समर्थन मूल्य से नीचे बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। इससे किसान समर्थन मूल्य खरीद के प्रति उत्साहित नहीं है, इससे योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े होते है। राजफैड प्रबंधन को खरीद शुरू करने के लिए लिखा है।

तुलछाराम सिंवर, प्रदेश मंत्री

भारतीय किसान संघ

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खरीद का इंतजार करते हुए एक महीने से ज्यादा का समय हो गया, गिरदावरी रिपोर्ट के लिए पटवारी व पंजीयन करवाने के लिए ई-मित्र के चक्कर लगाने के बाद भी खरीद का कोई भरोसा नहीं है। जल्दी खरीद शुरू नही हुई तो नुकसान में भी बाजार में फसल बेचनी पड़ेगी।

सांगसिंह, पूर्व सरपंच

बापिणी

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Source: Jodhpur

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