Posted on

जोधपुर.

फैक्ट्री में लकड़ी के हैण्डीक्राफ्ट सामान व फर्नीचर बनाकर परिवार चलाने वाला जवरीलाल सुथार लॉक डाउन के बाद से आर्थिक रूप से परेशान था। शंकर नगर सेक्टर डी में वह गुरुवार रात ग्यारह बजे तक घर के बाहर परिवार के साथ घूम रहा था। पुलिस को अंदेशा है कि मध्यरात्रि या शुक्रवार तड़के सबसे पहले पुत्र नितिन ने साड़ी से अपने कमरे में फंदा लगाया।

पुलिस का अनुमान है कि माता-पिता ने फंदा काट उसे नीचे उतार पलंग पर लिटाया होगा। उसकी मृत्यु हो चुकी थी। चद्दर से शव ढंक दिया। फिर खुद के कमरे में पलंग पर राजेंद्र ने गला दबाकर पत्नी की हत्या की होगी। फिर कपड़े से फंदे पर लटक गया। महिला के आधे गले पर निशान होने से उसका गला घोंटने का अंदेशा है।
सुसाइड नोट : सौ के बदले दस रुपए ब्याज देता

एफएसएल जांच कर शव मोर्चरी भिजवाने के बाद पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला। टूटी-फूटी हिन्दी में राजेन्द्र ने पहले खुद की आर्थिक स्थिति ठीक होने का जिक्र किया। साथ ही लॉक डाउन के बाद आर्थिक तंगी व कर्ज में डूबे होने की परेशानी का जिक्र किया। उसने एक महिला सहित चार पांच लोगों के नाम भी लिखे हैं। उसने लिखा कि वह सौ के बदले दस रुपए ब्याज अदा कर रहा था। इसी से परेशान चल रहा था। अब पुलिस इनके खिलाफ आत्महत्या को दुष्प्रेरित करने का मामला दर्ज करेगी।
टीवी व कूलर चालू छोड़ दुनिया छोड़ी

हीरादेसर गांव निवासी राजेन्द्र सुथार लकड़ी के फर्नीचर बनाने का कार्य करता था। उसका ससुराल इन्द्रोका गांव में है। उसने शंकर नगर में खाली भूखण्ड तीन हजार रुपए में किराए पर ले रखा था। भूखण्ड के एक हिस्से में मृतक का ***** १६ सौ रुपए किराए में लकड़ी का काम करता था। पुत्र के आत्महत्या व पत्नी का गला घोंटने के दौरान टीवी पर अपराध संबंधी सीरियल चल रहा था। दोनों कमरों में कूलर भी चल रहे थे।
चार माह बाद मकान खाली करने वाला था

भूखण्ड मालिक का कहना है कि कुछ दिन पहले ही वह जवरीलाल से मिला था। तब उसने चार महीने बाद मकान खाली करने की बात कही थी। एेसा माना जा रहा है कि वह कहीं और मकान या भूखण्ड लेने की सोच रहा था। पुत्र नीतिन ने डेढ़ साल पहले ही फाइनेंस पर नई पावर बाइक खरीदी थी।

Source: Jodhpur

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *