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जोधपुर. कायलाना झील के पास सुरम्य पहाडिय़ों पर जंगे आजादी के महत्वपूर्ण स्मारक माचिया किले में 1942 के दौरान अमानवीय यातनाएं सहने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के स्मारक पर इस बार कोविड गाइडलाइन के कारण सीमित लोगों को श्रद्धांजलि देने की अनुमति दी जाएगी। माचिया जैविक उद्यान के प्रवेश द्वार से 2 किलोमीटर दूरी पर स्थित माचिया किले में 1999 में निर्मित कीर्ती स्तंभ पर आध्यात्मिक क्षेत्र पर्यावरण संस्थान समिति जोधपुर की ओर से हर साल स्वतंत्रता दिवस पर स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में यज्ञ, स्वतंत्रता सेनानियों के चित्रों पर श्रद्धांजलि व देशभक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। लेकिन इस बार समिति को सीमित सदस्यों के साथ ही श्रद्धांजलि देने की अनुमति दी गई है। माचिया किले के प्रवेश द्वार तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग है लेकिन वन संरक्षण अधिनियम के कारण वहां तक पहुंचने के लिए वन अधिकारियों की लिखित अनुमति आवश्यक है। उपवन संरक्षक वन्यजीव विजय बोराणा ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के तहत माचिया किले में इस बार 15 अगस्त को सीमित लोगों को ही कोविड गाइड लाइन पालना के साथ कार्यक्रम करने की अनुमति दी गई है।

गाइड लाइन की होगी पालना

आध्यात्मिक क्षेत्र पर्यावरण संस्थान समिति जोधपुर के अध्यक्ष रामजी व्यास ने बताया कि माचिया किले में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में कोविड गाइड लाइन की पूरी पालना की जाएगी। इस बार ध्वजारोहण मुख्यअतिथि पूर्व सूचना जनसपंर्क उपनिदेशक आनंदराज व्यास करेंगे। पुष्करणा सखी महिला मंडल की ओर से स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में पौधरोपण किया जाएगा।

Source: Jodhpur

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