गडरारोड .
भारतीय किसान संघ की तहसील इकाई के आह्वान पर सोमवार को कई किसानों ने तहसील मुख्यालय पहुंच विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने विभिन्न कृषि समस्याओं के समाधान को लेकर कृषि मुख्यालय खोलने की बात कही। तहसील अध्यक्ष गोविंदराम चौहान ने बताया कि सीमांत किसानों को लगातार पाकिस्तान से आ रही टिड्डियों, असामान्य बारिश, अकाल, सूखे की स्थितियों का सामना प्रतिवर्ष करना पड़ रहा है। साथ ही तहसील के कुछ हिस्सों में ट्यूबवेल से सिंचाई शुरू हुई है। ऐसे में बिजली कनेक्शन, पर्याप्त बिजली नहीं मिलना, समर्थन मूल्य पर फसल बेचान सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर 200 किमी दूर बाड़मेर जाना पड़ता हैं। ऐसे में उपखण्ड मुख्यालय गडरारोड पर कृषि विभाग का मुख्यालय का होना आवश्यक है। इस मांग को राज्य सरकार के समक्ष उठाने का निर्णय लिया। इसके अलावा मई माह से लगातार आ रही टिड्डियों के खरीफ व रबी फसल को पहुंचाए नुकसान व सरकार के रोकथाम नहीं करने पर चर्चा की। किसान आलमखान पनेला ने बताया कि पिछले महीने ओलावृष्टि के कारण खेतों में काट कर रखी फसल को भारी नुकसान हुआ। वहीं बीमा कंपनियों की ओर से लीपापोती की जा रही है। साथ ही 2018 के बीमा क्लेम में भी शत प्रतिशत नुकसान के बावजूद 1037 करोड़ की बजाय 500 करोड़ का ही क्लेम दिया जा रहा है। इसके लिए आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान चन्दनदान झणकली, शैतानसिंह फोगेरा, निंबाराम बालेबा, हाजी अनवर सरगीला, तेजाराम दर्जी, लूणाराम, गेनाराम, भगवानाराम, ऊकाराम, रमेश कुमार, बलवंताराम, चेतनराम, प्रहलादराम सुथार सहित अन्य मौजूद रहे।
Source: Barmer News