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जोधपुर।
महामंदिर थानान्तर्गत मण्डोर कृषि उपज मण्डी के पास फाइनेंस कम्पनी से गोल्ड लोन लेने वाले एक व्यक्ति ने लोन ट्रांसफर करवाने के लिए एक अन्य निजी बैंक से 8.37 लाख रुपए जमा करवाए और गोल्ड छुड़वा लिया। सोना निजी बैंककर्मियों को सौंपने की बजाय युवक धोखे से लेकर चंपत हो गया। युवक का पता न लगने और सोना जमा न करवाने पर निजी बैंक ने महामंदिर थाने में युवक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया।
पुलिस के अनुसार आखलिया चौराहा के पास सीएसबी बैंक के ऑपरेशन मैनेजर यशपाल खन्ना पुत्र कैलाश नारायण प्रजापत ने सुनील पुत्र मनोहरलाल और उसके दोस्त के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआइआर दर्ज करवाई है। आरोप है कि सुनील ने मण्डोर मण्डी के पास आइआइएफएल से तीन गोल्ड लोन ले रखे हैं। उसने सीएसबी बैंककर्मी नीतू चौधरी से सम्पर्क कर तीनों लोन इस बैंक में ट्रांसफर करवाने की बात की। इस संबंध में 21 मार्च को दस्तावेजों पर सुनील के हस्ताक्षर करवाए गए। साथ ही एसबीआइ का एक चेक, आधार कार्ड और पेन कार्ड की काॅपी लेकर आवेदन पत्र भरवाया गया। फिर ग्राहक के खाते से 95,250, 2,92,500 और 4,50,000 रुपए मण्डोर मण्डी के पास फाइनेंस कम्पनी की शाखा में जमा करवा दिए गए। फिर बैंककर्मी नीतू चौधरी व रवि प्रजापत गिरवी रखा गोल्ड लेने के लिए फाइनेंस बैंक की शाखा पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदर प्रवेश नहीं दिया गया।
उस दौरान ग्राहक सुनील व उसका दोस्त फाइनेंस कम्पनी में मौजूद थे। फाइनेंस कम्पनी ने खाते में रुपए जमा होने के बाद गिरवी रखा सोना उन्हें दे दिया। उसने गोल्ड अपने दोस्त को सौंप दिया। जो चुपके से गोल्ड लेकर बाहर निकल गया। कुछ देर बाद ग्राहक सुनील बाहर आया और नीतू व रवि से कहा कि कुछ दस्तावेज जमा करवाने हैं। इसलिए गोल्ड अभी छूटा नहीं है। वह दस्तावेज लेकर आ रहा है। ऐसा कहकर वह भी कार में बैठकर गायब हो गया। काफी देर तक इंतजार करने के बाद बैंककर्मी ने गेट मैन से पूछा तो पता लगा कि सुनील सोना लेकर जा चुका है।

Source: Jodhpur

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