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जोधपुर. बांसवाड़ा में राज्य स्तरीय स्कूली क्रिकेट प्रतियोगिता में जोधपुर टीम की ओर से किए फ र्जीवाड़े की परतें अब खुल रही हैं। छात्रों के चयन में फर्जीवाड़े के बाद नियम-कायदों को ताक में रखकर टीम प्रबंधन समिति में तीन की जगह पांच को बांसवाड़ा भेजा गया। साथ ही, इसमें भी दो महिलाओं को शामिल किया गया। निदेशालय के नियमानुसार छात्र वर्ग की प्रतियोगिता में महिलाओं की ड्यूटी नहीं लगाई जाती है। विशेष परिस्थिति में पांच सदस्य भी शामिल किए जा सकते है, लेकिन इनमें छात्र वर्ग की प्रतियोगिता है तो महिलाओं को शामिल नहीं किया जाता है। इधर, उम्र के फर्जीवाड़े के मामले में खिलाडिय़ों के चक्कर में शेष खिलाडिय़ों को खेल से बाहर होने को लेकर अभिभावकों ने भी विरोध शुरू कर दिया हैं।

इनकी लगाई ड्यूटी
डीइओ प्रारंभिक जोधपुर के पत्र के अनुसार जिन पांच कार्मिकों की ड्यूटी लगाई, उसमें दलाधिपति राउमावि रेजिडेंसी के व्याख्याता पुष्पेंद्रसिंह, प्रशिक्षक राउप्रावि महेश हॉस्टल के शारीरिक शिक्षक राकेशसिंह देवड़ा, व्यवस्थापक राउमावि महिला बाग के वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक राजेंद्रसिंह, टीम प्रभारी राउप्रावि बासनी करवड़ की एक शारीरिक शिक्षिका व राबाप्रावि कानुपूरा सेरवाल की एक शिक्षिका को शामिल किया गया।

दो दिन में कार्यवाही का भरोसा
वहीं टीम में साथ गए खिलाडिय़ों के अभिभावकों ने मंगलवार को जिला शिक्षाधिकारी प्रारंभिक कार्यालय में जिला शिक्षाधिकारी प्रारंभिक संतोष, अतिरिक्त जिला शिक्षाधिकारी भंवरलाल से मिलकर विरोध जताया। इस पर दोनों अधिकारियों ने टीम में साथ गए खिलाडिय़ों के अभिभावकों को दो दिन में कार्यवाही का भरोसा दिलाया। इस दौरान अभिभावकों में सुनिल मूथा, कीर्ति मूथा सहित रघुवेन्द्रसिंह, जेएनवीयू छात्र नेता भूपेन्द्रसिंह सांकड़ा, कोच प्रद्युतसिंह चंपावत, रविन्द्र खुडियाला सहित अनेक लोग शामिल थे।

Source: Jodhpur

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