Posted on

जोधपुर.
झालामण्ड चौराहे के पास चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिशाषी अभियंता कार्यालय ने मिलते-जुलते नाम के चलते भूलवश एक अन्य फर्म को 18.28 लाख रुपए का भुगतान कर दिया। खाते से राशि निकालने के बाद उस फर्म का संचालक मोबाइल बंद कर भूमिगत हो गया। अब उसके खिलाफ कुड़ी भगतासनी थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई।

पुलिस के अनुसार चिकित्साक एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिशाषी अभियंता रमेश पुत्र विजयमल मेहता ने जैसलमेर जिले में भणियाणा तहसील के मांडवा गांव की मैसर्स बीआर कंस्ट्रक्शन कम्पनी के मालिक हजारीराम पुत्र राजूराम के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। आरोप है कि बकाया भुगतान को लेकर कार्यालय की ओर से 30 फरवरी को मैसर्स बीआर सारण कोटड़ा को 18,28,869 रुपए का ऑनलाइन भुगतान करना था, लेकिन मिलते-जुलते नाम की वजह से यह भुगतान मैसर्स बीआर कंस्ट्रक्शन कम्पनी को कर दिया गया था। इसका पता लगने पर अधिशाषी अभियंता कार्यालय की तरफ से हजारीराम से बात की गई। तब उसने कोटा से लौटने पर 8 फरवरी तक राशि खाते में लौटाने का भरोसा दिलाया था, लेकिन शाम तक उसने राशि जमा नहीं कराई। कार्यालय की तरफ से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उसका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। विभाग के कर्मचारियों ने उसके परिजन से मिलकर अवगत कराया तो उन्होंने कोई कानूनी कार्रवाई न करने का आग्रह किया। साथ ही 1-2 दिन में राशि लौटाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने नोटिस भी तामील नहीं किया। आखिर में नौ फरवरी को मकान पर नोटिस चस्पां किया गया।
उसके बैंक खाते की जांच करने पर पता लगा कि खाता धारक पूरी राशि किस्तों में निकाल चुका है। तब विभाग की ओर से उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।

Source: Jodhpur

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *